ऋषिकेश त्रिवेदी//// बिलासपुर में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ STF ने कार्रवाई की है। विशेष टास्क फोर्स ने सरकंडा इलाके में दबिश देकर 42 वर्षीय अतीक हुसैन को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, अतीक पिछले 19 साल से बिलासपुर में रहकर सीपत NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था। पुलिस का दावा है कि उसके पास मौजूद कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गलत तरीके से बनवाए गए हैं। अब पुलिस उसके खिलाफ बांग्लादेश डिपोर्टेशन की कार्रवाई कर रही है।

करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से पूछताछ के बाद संदिग्ध व्यक्तियों को रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान अतीक हुसैन वहां से भाग गया था। इसके बाद पुलिस उसकी लगातार पतासाजी कर रही थी।
निरीक्षक संजय शिंदे को सूचना मिली कि अतीक सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। इसके बाद उसके आने-जाने और संभावित ठिकानों की लगातार रेकी की गई। 24 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे STF और जिला विशेष शाखा की टीम ने सूर्या विहार कॉलोनी में दबिश दी। यहां अतीक किराए के मकान में रह रहा था। टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।पुलिस के मुताबिक, अतीक ने अपना मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया और वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आने की बात स्वीकार की। वर्ष 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहने के बाद वह बिलासपुर आया था।

पुलिस के अनुसार, अतीक वर्ष 2007 से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत NTPC में BECO LIFTS PRIVATE LIMITED में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था। उसके किराए के मकान से इंडियन पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची समेत कई दस्तावेज मिले हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अतीक ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाए जाने की बात स्वीकार की है।

बिलासपुर पुलिस अब अतीक हुसैन के खिलाफ बांग्लादेश डिपोर्टेशन की कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई पूरी होने तक उसे रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है। संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी इसकी सूचना दी जा रही है।पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने आमजनों से अपील की है।

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