ऋषिकेश त्रिवेदी/////खेलते-खेलते एक मासूम की जान पर बन आई, जब 3 वर्ष की बालिका के सिर में स्टील की गगरी बुरी तरह फंस गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बच्ची का चेहरा और गर्दन पूरी तरह जकड़ गए। परिजन काफी देर तक खुद प्रयास करते रहे, लेकिन जब हालत बिगड़ने लगी तो घबराकर उसे तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सतर्कता और कुशलता से गगरी काटकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।घटना असीम चिकित्सालय क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बच्ची घर में खेलते समय स्टील की गगरी को अपने सिर पर डाल बैठी, लेकिन वह इस तरह फंस गई कि निकलना मुश्किल हो गया। परिजनों ने पहले घर पर ही गगरी निकालने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहने पर बच्ची को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर लाया गया।सिम्स के आपातकालीन विभाग में पहुंचते ही डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ टीम गठित की गई। डॉ. बी. डी. तिवारी के नेतृत्व में टीम ने विशेष उपकरणों की मदद से गगरी को सावधानीपूर्वक काटने की प्रक्रिया शुरू की। पूरी कार्रवाई अत्यंत सतर्कता के साथ की गई, ताकि बच्ची के सिर, चेहरे या गर्दन को किसी प्रकार की गंभीर क्षति न पहुंचे।डॉक्टरों के अनुसार, घर पर गगरी निकालने के प्रयास के दौरान बच्ची के सिर और गर्दन में हल्की चोटें आई थीं। हालांकि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। आवश्यक उपचार और दवाएं देने के बाद बच्ची की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।इस दौरान चिकित्सकों ने बताया कि इस तरह के मामलों में जरा सी लापरवाही स्थिति को और गंभीर बना सकती है। वहीं परिजनों को छोटे बच्चों के साथ सतर्क रहने की सलाह दी गई।घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद स्टाफ और परिजनों के बीच काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। सफलतापूर्वक गगरी निकालने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। Post navigation प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर के रोप वे टूटने से एक की मौत सत्रह लोग हुए घायल,मौके पर पहुंचा प्रशासन,बचाव कार्य में जुटे आस पास के लोग,कलकत्ता की कंपनी देख रही है रोप वे मेंटेनेंस का काम सावधान,,कुकरा बुखार से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्र में मचा हड़कंप,प्रशासनिक तौर पर दिए गए विशेष निर्देश,बर्ड फ्लू से हुई हजारों मुर्गियों की मौत,मुर्गा खाने वालों और मुर्गी फार्म में काम करने वालों को भी दी गई चेतावनी