ऋषिकेश त्रिवेदी //// राज किशोर नागर के रिहायशी क्षेत्र में 17.02.2026 की रात्रि करीबन 9.15 बजे अज्ञात सशस्त्र अपराधियों ने महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक से लूट की घटना घटित की गई थी। ज्वेलर्स संचालक संतोष तिवारी रोज दुकान से पूरी ज्वेलरी एवं समान दुकान बंद कर अपने निवास राजकिशोर नगर ले आता था। रोज की तरह घटना के दिन भी वह अपने दुकान को बंद करके सोने से निर्मित ज्वेलरी व सामान अपने रिनॉल्ट क्विड कार क० CG 10 AH 7701 में रखकर अपने घर राज किशोर नगर जा रहा था। कॉलोनी के पास अंधा मोड़ है, जहां एक ईको मारुति कार जो पहले से खड़ी थी, इस कार ने संतोष तिवारी की कार को जानबूझकर ठोकर मार दिया। संतोष तिवारी के कार से बाहर उतरते ही मारुति ईको कार सवार अज्ञात लोग गाली गलौज करने लगे और अपने पास रखे पिस्टल को तानते हुए उसके बट एवं हथौड़ी से मारपीट कर सिर एवं शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट पहुंचा दिया। संतोष तिवारी चिल्लाते हुए अपने घर की ओर भागा, अज्ञात लोग मारपीट कर क्वीड कार में चार बड़े बैगों में रखे सोने के आभूषणों को जिसमें 2 किलो सोना, 200 ग्राम सोने के जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड, व 3,50,000 रू. नगदी रकम को कार सहित लूटकर भाग गए। घटना के बाद भाई विवेक तिवारी पिता स्व. अक्षयवरनाथ तिवारी साकिन राजकिशोर नगर के रिपोर्ट पर थाना सरकंडा के अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 126 (2),109,309 (6),311 बीएनएस व 25,27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग एवं Asp मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, csp निमितेश सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने रेंज के सभी जिलों में नाकाबंदी करने के निर्देश दिए और पुलिस की अलग अलग टीम गठित कर तत्काल विवेचना और अपराधियों की पातासजी करने में लगाया गया। आरोपियों के संबंध में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक जांच इलाको, बस्तियों होटल्स की सघन जांच तत्काल शुरू कराई गई। तलाश के दौरान घटना स्थल पर एक सफेद इको कार, पैशन प्रो मोटरसाइकिल, 10 नग जिंदा कारतूस और एक हथौड़ा प्राप्त हुआ। आरोपियों के द्वारा लूटी गई, प्रार्थी की रेनाल्ड क्विड कार, ग्राम उर्तुम और परसही के बीच लावारिस मिली, जिसमें से फिंगर प्रिंट भी एकत्र कर मिलान का कार्य प्रारंभ किया गया। मुखबिरों से जानकारी मिली कि आरोपी संभवतः बिहार या उत्तर प्रदेश की तरफ भाग सकते हैं। इस पर उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों को घटना और आरोपियों की जानकारी से अवगत गया। पुलिस टीम को आरोपियों के एक I 20 कार में, सोनभद्र होते हुए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले तरफ निकलने की पुख्ता सूचना मिली। पुलिस की एक टीम तत्काल उत्तर प्रदेश की ओर रवाना की गई और फोन के जरिए वरिष्ठ अधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस के संपर्क में बने रहे। बिलासपुर पुलिस से मिली सूचना के आधार पर मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाने की पुलिस ने घेराबंदी करके 18.02.2026 की रात्रि में 02 आरोपियों विनोद उर्फ बीनू तथा करीम खान को 1- 20 कार के साथ और 2 अन्य आरोपियों विजय लांबा तथा मोनू उर्फ राहुल को जंगल में छुपे होने पर गिरफ्तार कर लिया। थाना अहरौरा में आरोपीगण के विरुद्ध 02 अपराध क्रमांक 35/26, एवं 36/26 धारा 109,317 (2) bns एवं 3,25 आर्मस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। आरोपियों से लूटे गए जेवरात एवं सामग्रियों को मिर्जापुर पुलिस के द्वारा जप्त कर रिकवर कर लिया गया है। आरोपियों के पास से आग्नेय अस्त्र भी बरामद होने की जानकारी भी मिली है। बिलासपुर पुलिस की एक टीम मिर्जापुर पहुंच चुकी है, जो अग्रिम वैधानिक कानूनी कार्रवाई करेंगी। घटना में संलिप्त एक आरोपी इमरान जो स्कार्पियो गाड़ी के माध्यम से आरोपियों की रेकी और घटना करने में शामिल था, उसकी भी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर, स्कार्पियों गाड़ी को जप्त कर लिया गया है। घटना का मास्टर माइंड विजय लांबा एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय अपराधी है, जिसके विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 70 से भी अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आईजी रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के अवकाश पर रहते हुए भी लगातार की गई मॉनिटरिंग के अधीन बिलासपुर पुलिस की टीम के इस गंभीर और दुस्साहिक वारदात को चुनौती की तरह लेकर अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़वाकर लूट के मशूरुका की बरामदगीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से 24 घंटे के अंदर ही सफलता प्राप्त की है। आरोपी विजय लांबा के दिसंबर माह में हुई एक और घटना में भी शामिल होने की सूचना प्राप्त हुई है, जिसकी तस्दीक आरोपी से पूछताछ करके की जाएगी। देश के अन्य राज्यों में भी हुई ऐसी घटनाओं के संबंध में आरोपी के यहां लाने के बाद जानकरी लिए जाने का प्रयास किया जाएगा।

